लड़कियों का दिल कैसे जीते?

लड़कों की आपसी बातचीत में लड़कियां तीन तरह की बताई जाती रही हैं, एक वे जिन पर आप जान छिड़कते हैं पर नजदीक नहीं फटक पाते, दूसरी जिनसे आप शादी करना चाहते हैं पर वे आपको देख कर नाक-भौं सिकोड़ लेती हैं और तीसरी वे जिनसे आपकी शादी हो जाती है। जिस पर आप जान छिड़कते हैं, उस लड़की को पटाना कोई आसान काम नहीं होता। यह तो वे भी जानते हैं, जिन्होंने लड़की पटाने में महारथ हासिल कर ली है। लड़कियां केवल सपनों में ही न रहें और आपको आपकी पसंद की लड़की हमसफर के रूप में मिल जाए, इसके लिए हम सुझाते हैं विशेषज्ञों की राय पर कुछ नुस्खे- 

मुस्कुराएं
दोस्ताना माहौल के लिए मुस्कुराना तो पड़ेगा ही। खूबसूरत मुस्कान वातावरण को खुशनुमा बनाती है, यह तो देखा ही होगा आपने। हल्के-फुल्के माहौल में मुस्कुराहट बिखेर कर आप संदेश दे सकते हैं कि रास्ता क्लियर है। आपकी मुस्कुराहट को उधर कैसे लिया जा रहा है, यही आगे का रास्ता दिखाने के लिए काफी होगा। ज्यों ही मुस्कुराहट के बदले मुस्कान मिली, समझ लीजिए बाजी आपके हाथ में है। 

माहौल को परखें
बिना सोचे समझे उठाया गया कदम आपके प्रेम को तबाह कर सकता है। इसलिए आस-पास देख कर ही बात आगे बढ़ाएं। यह नहीं कि वह मुस्कुरा दी तो आप उसके बस पीछे ही हो लिए। उसकी भंगिमाओं को पढ़िए। आसपास का जाएजा लीजिए और पिर कदम आगे बढ़ाइए।

सकुचाएं बिल्कुल नहीं 
नो-नो, संकोची लोग तो प्रेम के पास फटक ही नहीं सकते। सटीक शब्दावली का प्रयोग करें और मौका मिलते ही दिल की बात बिना हिचकिचाए रख दें। ख्याली पुलाव पकाने वालों को कभी प्यार नहीं मिलता। थोड़ा आप खुलेंगे तभी तो सामने वाले को भी चांस लेने में झिझक नहीं होगी। 

बॉडी लैंग्वेज को समझें 
वह आपकी बात को किस अंदाज में ले रही है, यह तो उसकी बॉडी लैंग्वज और चेहरे के उतार-चढ़ाव से समझा जा सकता है। जो उसको अच्छा नहीं लगा उसके लिए झट से माफी मांग लीजिए। बस, यह समझते चलिए कि कब और कैसी बात को उसने पॉजिटिव रूप से लिया, उसी के अनुरूप आगे के व्यवहार को शेप देते रहिए। देखिए, बात बन ही जाएगी। 

जल्दबाजी नहीं
प्रेम में जल्दबाजी कतई अच्छी नहीं होती। आपका उतावलापन उसको बुरा भी लग सकता है। धीरे-धीरे गहराई में जाने का प्रयास करें। सब कुछ करने के बाद भी यहां की फिसलन को नकारा नहीं जा सकता। उसकी तरफ से आपको खुश करने वाले संकेत मिल भी रहे हों तो भी आगे कदम उठाने में आप हड़बड़ाए नहीं। उतावलेपन से बनी-बनाई बात बिगड़ते देर नहीं लगेगी।

अच्छे श्रोता बनें
ज्यादा बोलने से बेहतर होता है, ज्यादा और ध्यान से सुनना। जिन बातों में आपकी रूचि न भी हो उनको पूरे मन से सुनने का ढोंग करें। जैसा कि सब जानते ही हैं, स्त्रियों को प्यार करते हुए भी घर/परिवार व दूसरी तमाम बातें याद आती रहती हैं। वह अपने भाई पर भी बोल कर डेटिग का पूरा वक्त बिता सकती है। और तो और कभी-कभी मार्केट या किसी खाने के चीज पर उनका ध्यान टिका रह सकता है, पर आपको अपनी ऊब को छिपाते हुए सब सुनने की कोशिश करनी होगी। 

ड्रेसिग सेंस की तारीफ करें
उसके कपड़ों और जो रंग उसने पहने हैं उनकी तारीफ करें। यह तो तथ्य है कि हर किसी को अपनी तारीफ सुनना बहुत पसंद आता है। इसका दूसरा पक्ष यह भी कहा जा सकता है कि किसी की तारीफ करने में पैसा तो खर्च नहीं होता, फिर कोताही क्यों की जाए। खासकर जब यह मामला दिल का हो। यह भी जानने की कोशिश करें कि उसको कैसी ड्रेस पसंद है। 

अंखियों से गोली मारें 
आप जो भी बात करें, आंख में आंख डाल कर बात करने की कोशिश करें। जब आप आंख मिला कर बात करते हैं तो दोनों के बीच खास तरह का वाइब्रेशन होता है। धीरे-धीरे यह रूमानियत में बदलता जाएगा और आप महसूस करेंगे कि इसमें आपको काफी आनंद आ रहा है। इससे आपको उसकी आंखों को पढ़ने का मौका मिलेगा सो अलग। 

बेचैन न हों
उत्साह में आ कर कुछ ऐसा न कर बैठें कि बना-बनाया मामला चौपट हो जाए। थोड़ा सब्र रखें। कुछ लड़कियां लड़कों को सिर्फ इसीलिए रिजेक्ट कर देती हैं क्योंकि उतावलेपन में वे कुछ ज्यादा ही करीबआने की कोशिश कर डालते हैं। कहा जाता है न फूंक कर पीना ज्यादा ठीक है, वर्ना जीभ जल जाती है। 

बोल हों चाशनी भरें
घबराइए नहीं, यहां चापलूसी से ही बात बनती है। जो भी बोलें वह सकारात्मक हो। आपकी बातों से वह प्रभावित हो तभी तो बात बनेगी। अच्छी और सकारात्मक बातों से उसको प्रभावित करें। 

पॉजिटिव हों और मसखरी करें
पहले से मन में कोई नकारात्मक बात न लाएं। हल्के-फुल्के मजाक करें और उसका दिल छू लें। आपका सेंस ऑफ हूमर जितना गजब का होगा, लड़कियां आपके उतने ही करीब आएंगी। हल्का-फुल्का मजाक व मखौल वातावरण को ऊर्जावान बनाए रखता है। आपकी जो बात उसको नहीं पसंद आ रही है, उसको भी मजाक में उड़ाने से बात बन जाएगी। 

पहल में न हिचकें
अगर वह आपकी पसंद है तो पहल आपको ही करनी होगी। रिश्ते भले ही ऊपर से बन के आते हों पर कदम तो आपको ही उठाना होगा। असफलता के भय से यदि अभी ही चुप्पी लगा कर बैठ गये तो फिर हाथ ही मलते रह जाएंगे। 

हार कर जीतें 
उसकी कोई बात आपको बुरी भी लग जाए तो दिल से न लगाएं। प्यार में कुछ कुर्बानी तो करनी ही पड़ती है। आपकी हार से वह खुश भी तो होगी और हो सकता है इसीसे आगे बात बन जाए। दिल से लगा कर बैठने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है इसलिए नजरंदाज कर दें ऐसी बातों को। 

सच्चे और ईमानदार बनें
किसी भी रिश्ते की बुनियाद सच और ईमानदारी पर ही टिकी रहती है। इनका साथ कभी न छोड़ें। झूठ की बुनियाद पर रखी गई रिश्तों की नींव कभी भी दरक सकती है। जो जैसा ही वैसा ही बताएं। दुराव-छिपाव वैसे भी इस रिश्ते में ज्यादा देर नहीं चल सकता। 

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