मोहल्‍ला क्‍लीनिक या घोटाला

मोहल्‍ला क्‍लीनिक जो कि दिल्‍ली सरकार के दो साल का सबसे बड़ा काम कहा जा रहा है उसी की कार्यप्रणाली पर संदेह की खबर आई है। भारतीय जनता पार्टी ने तो इसे घोटाले का नाम भी दे दिया है। केद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन ने कहा कि यह घोटाला है, मोहल्‍ला क्‍लीनिक में कई अनियमितताएं हो रही हैं। हर्षवर्धन का यह बयान तब आया जब अनियमितता की शिकायत के बाद सर्तकता विभाग ने मोहल्‍ला क्‍लीनिक से विवरण मांगा।

मीडिया की खबरों के हवाले से डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यह एक ऐसी पहल है जिसपर सही से अमल करके दिल्‍ली की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं का नक्‍शा बदला जा सकता है लेकिन सरकार के ढीले रवैये ने इसे घोटाले का अड्डा बना दिया है। डॉक्‍टर ज्‍यादा मरीज देखने के चक्‍कर में फर्जी इंट्री कर रहे हैं और जरूरत न होने के बाद भी मरीजो को बार-बार बुला रहे हैं। व्‍यवस्‍था पर बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि एक मिनट में दो मरीज देखना अपने आप में रिकॉर्ड तोड़ने वाला काम है।

इससे पहले शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने सीडीएमओ से इस विषय पर जानकारी मांगी है। ऐसा सुनने में आ रहा है कि सतर्कता विभाग ने कथित शिकायतों के मिलने के बाद यह कदम उठाया। जिले के मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारियों से जल्‍द ही इस पर रिपोर्ट मांगी गई है कि मोहल्‍ला क्‍लीनिकों में कैसे काम काज होता है। साथ ही इन क्‍लीनिकों से जुड़े हर वित्‍तीय लेन देन का हिसाब भी सतर्कता विभाग ने मांगा है।

पिछले दिनों मोहल्‍ला क्‍लीनिक काफी चर्चा में रहा। पंजाब चुनाव में आमआदमी पाटी के बड़े नेताओं ने इसे एक चुनावी मुद्दा बनाकर पेश किया जबकि इससे कुछ दिन पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र के महासचिव कोफी अन्‍नान और दूसरे कई बड़े नेताओं ने इसकी तारीफ की। साथ ही दुनिया के सबसे पुरानी मेडिकल मैगजीन ‘द लान्‍सेट’ जो कि इंग्‍लैंड में निकलती है में भी इसकी सराहना की गई है।

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