रोमांस करने के स्मार्ट तरीके !

संभोग को लेकर लोगों के मन में कई तरह भ्रांतियां हैं. इन भ्रांतियों के चलते लोग संभोग का सही से आनंद नहीं उठा पाते हैं. हम यहां पर उन भ्रांतियों पर से पर्दा उठा रहें ताकि आप संभोग को स्मार्ट बना सकें.पुरुष हर 7 सेकेंड में संभोग के बारे में सोचता है
लोगों के मन में भ्रांति है कि पुरुष हर 7वें सेकेंड में संभोग के बारे सोचते हैं, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि सिर्फ 14 फीसदी पुरुष दिन भर में कई बार संभोग के बारे में सोचते हैं. 43 फीसदी महीने में कुछ दिन और 4 फीसदी तो ऐसे हैं कि जो महीना में एक बार भी संभोग के बारे में नहीं सोचते. इसके उलट 19 फीसदी महिलाएं रोज कई बार संभोग के बारे में सोचती है और 67 फीसदी महिलाएं हफ्ते में और सिर्फ 14 फीसदी महीनें में संभोग के बारे में सोचती हैं.

पुल-आउट मेथड सेफ रहता है नहीं, यह मेथड सेफ नहीं है. दरअसल, संभोग के दौरान पुरुष का स्पर्म हल्का-हल्का कई बार में निकलते रहता है, पर उसे पता नहीं चलता है. स्पर्म की यह मात्रा आपके साथी को प्रेगनेंट करने के लिए काफी है.

ओरल संभोग से कोई खतरा नहीं है
ओरल संभोग से भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है. अगर मुंह या गले में कहीं कुछ कटा होता है, तो वहां से इन बीमारियों के फैलने का खतरा होता है.

पुरुष तो हमेशा संभोग के लिए तैयार होते हैं
ऐसा भ्रम है कि पुरुष तो संभोग के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन ऐसा नहीं है. पुरुष भी थकता है, वह रॉबोट नहीं है. तनाव के चलते या मूड नहीं रहने के चलते वह संभोग में रुचि नहीं दिखा सकता है. इसलिए अगर पुरुष संभोग के लिए तैयार नहीं होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपमें रुचि नहीं लेता है.

साइज मैटर नहीं करता है
आप अपने मन से यह भ्रम निकाल दें कि साइज से कोई फर्क पड़ता है. साइज से कुछ नहीं होता है. सबसे जरूरी चीज है अपने पार्टनर के जज्बातों का खयाल रखना. इससे संभोग का ड्यूरेशन बढ़ता है और आप इसका खूब आनंद भी लेते हैं.

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