अश्‍लील वीडियों पर सुप्रीम कोर्ट ने ली गूगल से जानकारी

सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर से इंटरनेट में फैले पोर्न के जाल के खिलाफ कार्यवाई करने के मूड में हैं। जस्टिस एमबी लोकुर और यूयू ललित की पीठ ने गूगल से ऐसे वीडियोज को ढूंढ निकाालने और इसको अपलोड करने के दौरान इस्‍तेमाल किए जाने वाले मैकेनिज्‍म पर सवाल किए जो अब कई वेबसाइट्स पर अपलोड की जा रही है।

इस मामले में गूगल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी थे जिससे अदालत ने पूछा कि क्‍या आप इससे निजाद दिला सकते हैं।

जवाब में सिंघवी ने कहा कि कंपनी ऐसे किसी भी मुद्दे में जो लोक हित के लिए हो बिना किसी शर्त न्‍यायालय की सहायता के लिए तैयार है। उन्‍होंने अदालत को जानकारी दी कि गूगल ऐसी किसी भी सामग्री के बारे में कोई निर्धारित बॉडी या फिर सरकार के किसी भी तंत्र को इसकी जानकारी दे सकता है।

इसके बाद अदालत ने पूछा कि अगर किसी चीज की सूचना आप तक आती ही नहीं है तो भी क्‍या गूगल इंटरनेट में अपलोड हो रही ऐसी सामग्री का पता लगा सकता है। सिंघंवी ने इसके जवाब में कहा कि वास्‍तव में यह संभवना नहीं है। हम ऐसे किसी भी कंटेंट की जानकारी तभी जुटा सकते हैं जब हमारे पास कोई रिपोर्ट आए और इसके लिए उस प्‍लेटफार्म का गूगल में लिस्‍ट होना भी आवश्‍यक है। हम खुद से कुछ भी नहीं खोज सकते।

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