गौरतलब है कि मारुति के मानेसर संयंत्र के करीब 2,000 कर्मचारी चार जून से ही अपनी माँगो को लेकर हड़ताल पर है जिससे शनिवार तक कंपनी को करीब 390 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। हड़ताली कर्मचारी नई यूनियन मारुति सुजुकी एंप्लाईज यूनियन को मान्यता देने सहित अन्य मांगों पर अड़े हैं। इस यूनियन का गठन कंपनी के मानेसर संयंत्र के कर्मचारियों ने किया है। कंपनी ने पिछले सप्ताह कर्मचारियों को कथित तौर पर हड़ताल के लिए उकसाने के लिए 11 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया था।हालाकि, कंपनी ने यह स्वीकार किया है कि वह नई यूनियन को मान्यता देने को ईच्छुक है,और यहीं कर्मचारियों की मुख्य मांग भी है।
वहीं, हड़ताली कर्मचारियों ने अपने बर्खास्त साथियों को वापस बहाल करने की मांग की है