काम्बली ने एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि उनके लिहाज से विश्व कप सेमीफाइनल मुकाबला फिक्स था क्योंकि उस दौरान कई हैरतअंगेज फैसले लिए गए थे।
इसे लेकर माकन ने कहा, “टीम में शामिल अगर कोई खिलाड़ी इस तरह के दावे करता है तो उसकी विस्तार से जांच होनी चाहिए। देशवासियों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उस दिन मैदान में क्या हुआ था।”
“खिलाड़ी द्वारा लगाए गए आरोप सही हों या गलत, देशवासियों को हकीकत जानने का अधिकार है। इस लिहाज से इस मामले को गम्भीरता से लिया जाना चाहिए और इसकी जांच होनी चाहिए। अगर इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।”
माकन ने कहा कि बीसीसीआई अगर इस मामले में पहल नहीं करेगी तो खेल मंत्रालय अपने स्तर पर इसकी जांच कराएगा। माकन ने कहा, “बीसीसीआई को जल्द से जल्द जांच के आदेश देने चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो खेल मंत्रालय इसे लेकर पहल करेगा और अपने स्तर पर जांच कराएगा।”
काम्बली ने जो दावे किए हैं, उन्हें उस समय टीम के कप्तान और वर्तमान में कांग्रेस सांसद मोहम्मद अजहरूद्दीन, उस समय टीम के मैनेजर रहे पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर और सलामी बल्लेबाज संजय मांजरेकर नकार चुके हैं।
इसके बावजूद काम्बली अपने बयान पर डटे हुए हैं। उनका यही कहना है कि पिच पर मौजूद होने के दौरान उन्हें किसी गड़बड़ी का आभास हुआ था क्योकि भारतीय बल्लेबाज बड़े अजीबोगरीब अंदाज में अपना विकेट लुटा रहे थे।