इस समझौते पर भारत के गृहमंत्री पी. चिदंबरम और बांग्लादेशी गृहमंत्री सहारा खातून की मौजूदगी में बार्डर गार्ड बांग्लादेश के महानिदेशक मेजर जनरल अनवर हुसैन और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक रमन श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किये।
सहारा ने चिदंबरम के साथ ढाका में दो घंटे तक बातचीत के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि “हमने अभी-अभी एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें सीमा मुद्दों, सहित अन्य मुद्दों के व्यापक और संयुक्त प्रबंधन के लिए सीमा प्रबंधन समन्वय योजना है।” गृहमंत्री चिदंबरम की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सितंबर में बांग्लादेश की यात्रा पर आने वाले हैं।
चिदंबरम ने कहा कि “यह समझौता सीमा पार अपराधों से निपटने समेत सभी लंबित सीमाई मुद्दों को सुलझाने के लिए जरूरी था।” उन्होंने कहा कि “यह समझौता सीमा प्रबंधन की गुणवत्ता को बढ़ायेगा और सीमा के आर-पार सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।” भारत और बांग्लादेश के बीच 4096 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें से 6.1 किलोमीटर का सीमाकंन किया जाना अभी बाकी है।
इस प्रक्रिया से परिचित अधिकारियों ने बताया कि “समझौते से सीमा की कुछ जगहों पर सीमा पार अपराधों जैसे मानव, हथियार और नशीले पदार्थ की तस्करी आदि की संयुक्त निगरानी संभव हो सकेगी।”