भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (इब्सा) समूह के शिखर सम्मेलन के सामान्य सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोप में कर्ज संकट और विकसित विश्व में खासतौर से अमेरिका और जापान में मंद वृद्धि दर दुनिया के वित्तीय बाजारों को नकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “विकासशील देश इन घटनाक्रमों के नकारात्मक प्रभाव से अछूते नहीं रह सकते। विकास सम्बंधी चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता पर विपरीत असर हुआ है।”
मनमोहन सिंह ने कहा कि जी-20 ने अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय संस्थानों के सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जी-20 के सदस्य हैं।
सिंह ने कहा, “हमें फ्रांस में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर अपने रुखों को समन्वित करना चाहिए ताकि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की प्राथमिकताएं उचित तरीके से जाहिर हो सकें।”
इस अवसर पर ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा भी उपस्थित थे।