समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि आईएईए की रिपोर्ट में कोई नया तथ्य है लेकिन तथ्यों का संकलन जानबूझकर मामले को राजनीतिक रंग देने के उद्देश्य से किया गया है।
बयान में कहा गया है कि रिपोर्ट के लेखक ऐसा संकेत देना चाहते हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में सैन्य तत्व शामिल है।
बयान में कहा गया है, “इस धारणा को शायद ही पेशेवर और निष्पक्ष कहा जा सकता है।” आईएईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2003 के बाद से ईरान लगातार परमाणु हथियार बनाने के लिए शोध में लगा हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने वर्ष 2003 के बाद भी परमाणु हथियारों को विकसित करने के काम में जुटा हुआ है। उस समय उसने परमाणु कार्यक्रम को रोकने की घोषणा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अस्थायी रूप से परमाणु गतिविधियों को रोका था लेकिन इस बात के सबूत मिले हैं कि परमाणु कार्यक्रम निर्बाध गति से चलाया जा रहा है।
इस बीच ईरानी अधिकारियों ने आईएईए की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी नेतृत्व को संतुष्ट करने के उद्देश्य से तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने आईएईए प्रमुख यूकिया अमानो को अमेरिकी कठपुतली करार दिया था।