दोनों सरकारों को नोटिस का जवाब दो सप्ताह में देना है।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति एस.एस. निज्जर की पीठ ने यह नोटिस तब जारी किया, जब वरिष्ठ अधिवक्ता भीम सिंह ने न्यायालय को बताया कि एनसी कार्यकर्ता की मौत रहस्यमय स्थितियों में हुई थी।
यूसुफ की 30 सितम्बर को मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जम्मू एवं कश्मीर में राजनीतिक भूचाल खड़ा आ गया, क्योंकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आवास पर जाने के एक दिन बाद ही यूसुफ की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। लेकिन उमर ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी मौत हृदयाघात के कारण हुई।