संदीप ने कहा, “मैं मानता हूं कि कुछ सकारात्मक चीजें सामने आई हैं। अन्ना के सहयोगियों और सरकार के बीच व्यापक सहयोग पर सहमती बनी है। अब केवल दो बातों पर मतभेद रह गया है।”
उन्होंने कहा, “अन्ना की गिरती सेहत चिंता का विषय है। सरकार इस मुद़दे को तेजी से निपटाने के लिए काम कर रही है, लेकिन इसके लिए सरकारी प्रतिनिधियों और अन्ना के सहयोगियों को मतभेद दूर करने के लिए पांच-छह दिन एक साथ बैठना पड़ेगा।”
संदीप ने कहा कि अन्ना जी का अनशन चिंता का विषय बना हुआ है और इससे बातचीत का माहौल नहीं बन पा रहा है। हम उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह करेंगे।