मनमोहन सिंह ने सत्र शुरू होने से पूर्व यहां संवाददाताओं से कहा, “मैं आशा करता हूं कि सभी राजनीतिक दल इस बात को महसूस करेंगे कि हमारे पास कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण विधेयक हैं, जिन्हें हम इस सत्र में पेश करने जा रहे हैं और हमारे देश के स्थिर विकास और समृद्धि की मांग है कि उनमें से कई विधेयकों को संसद में कानून के रूप में परिवर्तित किया जाए।”
सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ऐसी खबरें हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम का बहिष्कार करेगा।
सिंह ने कहा, “जहां तक सदन के बहिष्कार का सवाल है, मैं आशा करता हूं कि राजनीतिक दल ऐसे किसी भी कदम से बचेंगे। जैसा कि अखबारों में आया है, एक तरह से देखा जाए तो बहिष्कार का कोई कारण नहीं है।” इस सत्र के दौरान लोकपाल जैसे विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। शीतकालीन सत्र 21 दिसम्बर को समाप्त होगा।
संकटग्रस्त वैश्विक अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए मनमोहन सिंह ने चेतावनी दी कि मामलों का कुप्रबंधन देश के लिए संकटकारी हो सकता है।
सिंह ने कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं वैश्विक अर्थव्यवस्था गम्भीर कठिनाइयों से गुजर रही है और यदि हम अपने मामलों का ठीक से प्रबंधन नहीं कर सके, तो हमें भी इन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “और मैं आशा करता हूं कि ऐसे समय में जब देश स्थिर सम्यक आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है, तो सभी राजनीतिक दल इसमें अपना प्रभावी योगदान करेंगे।”