Home देश यूरोजोन संकट के समाधान में सहयोग कर सकता है भारत : अहलूवालिया

यूरोजोन संकट के समाधान में सहयोग कर सकता है भारत : अहलूवालिया

कान ।। दुनिया के शीर्ष औद्योगिक देशों के संगठन जी-20 के शिखर सम्मेलन से पहले भारत ने कहा है कि उसे यूरोजोन संकट के समाधान के लिए कोई आग्रह प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन वह संकट के समाधान के लिए जो भी जरूरी है उसे करने के लिए तैयार है।

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, “हालांकि कोई द्विपक्षीय अनुरोध नहीं मिला है, लेकिन हम सहायता करने के लिए तैयार है। हम इस संकट के पूरी दूनिया में फैलने को सहन नहीं कर सकते। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि भारत अभी तक इससे प्रभावित नहीं है।”

बुधवार को नई दिल्ली में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सहायता करने की बात कही थी।

मुखर्जी ने कहा था, “पहले उन्हें ऋण चुकाने की क्षमता का आंकलन करने दीजिए, समस्या के समाधान की कोशिश करने दीजिए इसके बाद हम अनुपूरक वित्तीय सहायता पर विचार करेंगे।”

इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ बैठक की।

भारत सहित इन पांचों देशों के समूह को ‘ब्रिक्स’ नाम दिया गया है। इन नेताओं की बैठक का उद्देश्य जी-20 सम्मेलन में अपनी बातों को प्रभावी रूप से रखना है।

वर्ष 2008 में वाशिंगटन में जी-20 देशों के हुए पहले शिखर सम्मेलन के बाद यह छठा सम्मेलन है। इस सम्मेलन का पूरा ध्यान यूरोप के कर्ज संकट पर केंद्रित हो गया है।

मनमोहन सिंह के अलावा ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ, रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव, चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा इसमें शरीक कर रहे हैं।

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