बेदी ने सोमवार को माइक्रोब्लागिंग साइट ट्विटर पर लिखा कि उनके न्यास के सदस्यों ने उनके यात्रा एजेंट को अतिरिक्त धन आयोजकों को लौटाने का निर्देश दिया है। न्यासियों ने उन्हें आगे से आमंत्रण के अनुसार ही यात्रा करने के निर्देश दिए हैं।
यह विवाद ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी इस आशय की रिपोर्ट के बाद सामने आया था। बेदी ने अपने बचाव में कहा था कि उन्होंने धन अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बचाए थे।
उनके अनुसार, “आयोजक स्वेच्छा से मुझे बिजनेस क्लास की टिकट का किराया देते थे, लेकिन मैंने उन्हें सूचित कर दिया था। मैंने अच्छे कारणों के लिए धन बचाए।”