लोकसभा सचिवालय ने सेन को सूचित किया है कि लोकसभा में उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही पांच-छह सितम्बर को चलाई जाएगी और पहले दिन उन्हें इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए तीन बजे उपस्थित होना है।
ज्ञात हो कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सेन को अपना पक्ष रखने के लिए दो घंटे का समय दिया गया है।
राज्यसभा ने इतिहास बनाते हुए गत 18 अगस्त को सेन के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पारित किया। यदि लोकसभा भी उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर देता है तो सेन ऐसे पहले न्यायाधीश होंगे जिन्हें संसद कदाचार के लिए हटाएगी।
उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने वर्ष 1983 में सेन को रिसीवर नियुक्त किया था और उन्हें वकील रहते हुए 33.23 लाख रुपये के हेरफेर का दोषी पाया गया।