उन्होंने कहा कि सरकार एक संशोधित विधेयक का रूप पेश करने अथवा अपने प्रस्तावों को पेश करने के लिए दोबारा बैठक बुला सकती है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद येचुरी ने पत्रकारों से कहा, “सरकार की ओर से जबतक हमें ठोस प्रस्ताव नहीं मिल जाते तबतक हमारे लिए विचारों को व्यक्त करना सम्भव नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि माकपा लोकपाल विधेयक के दायरे में प्रधानमंत्री और समूह सी के कर्मचारियों और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा को लाए जाने के पक्ष में है।
येचुरी ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में सांसदों के आचरण भी लोकपाल के दायरे में लाने के पक्ष में है।