हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में हुए उपचुनावों में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “एक उपचुनाव को जनमत संग्रह या मेरी सरकार के प्रदर्शन के फलसफे से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।”
सोमवार को हिसार लोकसभा सीट के अलावा महाराष्ट्र के खड़गवासला, बिहार के दरौंदा और आंध्र प्रदेश के बांसवाड़ा के परिणाम आए थे। कांग्रेस को इन चुनावों में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। वह एक भी सीट जीत नहीं सकी। हिसार, खड़गवासला और बांसवाड़ा के नतीजों को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि इन राज्यों में कांग्रेस की ही सरकारें हैं।
इससे पहले आडवाणी ने नागपुर में कहा कि उपचुनाव के नतीजों से स्पष्ट हो गया है केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ‘शासन चलाने में अक्षम’ है। संप्रग मतदाताओं की चेतावनी पर ध्यान दे।
आडवाणी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह सरकार को लोगों की चेतावनी है कि वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास बंद करे। उपचुनाव के नतीजों से साफ हो गया है कि यह सरकार शासन चलाने में अक्षम है।”
भ्रष्टाचार के विरुद्ध भाजपा नेता की जन चेतना यात्रा महाराष्ट्र में प्रवेश कर गई है। यहां उन्होंने कहा कि सोमवार को आए उपचुनाव के नतीजे महत्वपूर्ण हैं। संप्रग सरकार के लिए यह खतरे का संकेत है।
इस बीच, केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने यह मानने से इंकार किया है कि समाजसेवी अन्ना हजारे के सहयोगियों के अभियान के चलते हिसार में कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
उनका मानना है कि किसी भी चुनाव में जीत के लिए किसी एक व्यक्ति या किसी एक मुद्दे को श्रेय नहीं दिया जा सकता।
खुर्शीद ने नई दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा में कहा, “किसी एक व्यक्ति या एक समूह के लिए लोकतंत्र की अहमियत कम करना अनुचित होगा। एक व्यक्ति या एक मुद्दा किसी का हार या जीत का कारक नहीं बन सकता।”
उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जब उत्तर प्रदेश में चरम पर पहुंची तो उस समय कहा गया कि राम लहर थी लेकिन वह सही नहीं था क्योंकि कई अन्य कारण भी थे इसके। हिसार में भी ऐसी ही परिस्थिति थी।”
अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा, “वे हिसार में यदि खेल करने गए थे तो उन्हें पहले ही बता देना चाहिए था। ऐसा कहने का क्या मतलब होता कि हमने ऐसा नहीं किया इसलिए कांग्रेस को वोट मत दो।”
हरियाणा के हिसार में हुए उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे और हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप बिश्नोई को जीत मिली जबकि दूसरे स्थान पर इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के अजय चौटाला रहे। कांग्रेस के उम्मीदवार जयप्रकाश इस उपचुनाव में तीसरे स्थान पर रहे।