नई दिल्ली, Hindi7.com ।। दादा-दादी न केवल पोते-पोतियों को लाड़-प्यार करते हैं, उन्हें टॉफी-चॉकलेट और खिलौने दिलाते हैं, बल्कि हाल के एक शोध से वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव सभ्यता के विकास क्रम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
हाल ही में लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के द्वारा एक शोध में इस बात का खुलासा किया गया कि बच्चों के प्रारंभिक विकास में बुजुर्ग लोगों का आस-पास रहना बहुत फायदेमंद होता है। वास्तव में दादा-दादी बच्चों की देखभाल करने, विभिन्न प्रकार के कौशल सिखाने तथा इससे भी अधिक अहम बात है कि वे मानवीय संबंधों को लेकर बहुत गहरी समझ बच्चों को अनजाने ही सिखाते हैं, जो कि बच्चों के बौद्धिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।