Home देश ‘नहाय-खाय’ के साथ प्रारम्भ हो जाएगा महापर्व छठ

‘नहाय-खाय’ के साथ प्रारम्भ हो जाएगा महापर्व छठ

पटना ।। बिहार का प्रमुख लोकपर्व छठ इस वर्ष रविवार को व्रतियों के ‘नहाय-खाय’ के साथ प्रारम्भ होगा। छठ के अवसर पर व्रत रखने वाली महिलाएं जहां महापर्व की तैयारियों में जुट गई हैं वहीं दूसरी ओर छठ बाजार भी सजने लगे हैं। बाजार में सूप, दउरा, आम की लकड़ी, चूल्हा और फलों की दुकानें सज चुकी हैं।

पंडित महादेव मिश्र के मुताबिक छठ पर्व का शुभारम्भ 30 अक्टूबर रविवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ प्रारम्भ होगा। व्रत रखने वाली महिलाएं इस दिन स्नान कर अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी खाएंगी। इस दिन खाने में सेंधा नमक का ही प्रयोग किया जाता है। दूसरे दिन सोमवार को कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी के मौके पर दिनभर व्रत रखने वाली महिलाएं उपवास कर शाम को विधि विधान से रोटी तथा गुड़ से बनी खीर का प्रसाद तैयार करेंगी और फिर सूर्य भगवान का स्मरण कर प्रसाद ग्रहण करेंगी। इस पूजा को ‘खरना’ कहा जाता है।

इसके अगले दिन मंगलवार को उपवास रखकर शाम को व्रत रखने वाली महिलाएं नदी, तालाबों या अन्य जलाशयों में जाकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य अर्पित करेंगी और फिर बुधवार को उदीयमान सूर्य को दूसरा अर्ध्य अर्पित कर वापस लौटकर अपना व्रत तोड़ेंगी।

इस बीच पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में छठ घाटों की साफ-सफाई का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। व्रत रखने वाली महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। बाजार में भीड़ है तथा लोग आवश्यक सामग्री खरीद रहे हैं।

औरंगाबाद जिले के देव में स्थित सूर्य मंदिर में सूयरेपासना के लिए हजारों की भीड़ अभी से एकत्र हाने लगी है। व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद यहां सूर्य भगवान को अर्ध्य अर्पित करती हैं।

पटना में गंगा किनारे घाटों पर भीड़ को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने में जुटा है। सभी घाटों पर सशस्त्र बल तैनात करने तथा सम्बंधित थाना प्रभारियों को गश्त करने का आदेश दिया गया है।

पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह के मुताबिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी घाटों पर गोताखोर के साथ नावों और महाजाल की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।V

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