Home देश दार्जिलिंग को अलग करना मंजूर नहीं : ममता

दार्जिलिंग को अलग करना मंजूर नहीं : ममता

दार्जिलिंग ।। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार दार्जिलिंग के लोगों की उन्नति के लिए सब कुछ करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि वह पृथक गोरखालैंड राज्य गठन के पक्ष में नहीं हैं।

गोरखालैंड समर्थक नेताओं के साथ बैठक के अलावा पर्यटन महोत्सव सम्बंधी बैठक में बनर्जी ने कहा, “हम हर चीज में दिल से आपकी मदद करेंगे। आप लोग हमारे भाई-बहन हैं। हम आपके विकास के लिए अपना जीवन न्योछावर करने को तैयार हैं लेकिन हम दार्जिलिंग छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।”

ज्ञात हो कि गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) दार्जिलिंग सहित उत्तरी पश्चिम बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर पिछले साढ़े तीन वर्षो से आंदोलन कर रहा है।

इस वर्ष 18 जुलाई को दार्जिलिंग में स्वायत्तशासी प्रशासन गोरखालैंड टेरीटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के गठन के लिए जीजेएम, पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था।

क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर आईं बनर्जी ने कहा, “कृपया मुझ पर विश्वास कीजिए..मैं आपके विकास और प्रगति के लिए काम करना चाहती हूं। सत्ता में आने बाद से मैंने उत्तर बंगाल का तीन बार दौरा किया है।”

उन्होंने घोषणा की कि पिछड़ा वर्ग विकास समुदाय के तहत लेपचा विकास समुदाय का गठन किया जाएगा, जिसका कार्यालय केवल दार्जिलिंग में होगा।

बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार दार्जिलिंग में पर्यटन विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार कर रही है।

बनर्जी ने यहां पर्यटन महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद कहा, “दार्जिलिंग में पर्यटन उद्योग के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। हम बहुत जल्द ही इस योजना के साथ सामने आएंगे।”

बनर्जी ने कहा कि प्रस्तावित योजना के क्रियान्वित हो जाने के बाद यहां बेरोजगारी की समस्या पूरी तरह सुलझ जाएगी।

उन्होंने दार्जिलिंग क्षेत्र में आए भूकम्प से मरने वालों के प्रति संवेदना जताई तथा कहा कि पूर्वोत्तर और उत्तर बंगाल के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।

Rate this post

NO COMMENTS