सरकार ने चिदंबरम और तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए. राजा के बीच की बैठक के समय को दर्ज नहीं किए जाने को भी उचित ठहराया और कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं थी। गौरतलब है कि भाजपा चिदंबरम के इस्तीफे की मांग कर रही है।
संवाददाताओं से बात करते हुए संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने दावा किया कि चिदंबरम ने कभी भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से यह सिफारिश नहीं की कि स्टार्ट अप स्पेक्ट्रम को अब बंद अध्याय माना जाए। इसको लेकर कुछ भ्रम है। बंसल ने कहा कि चिदंबरम की यह टिप्पणी अतिरिक्त स्पेक्ट्रम शुल्क के बारे में थी।
चिदंबरम और राजा के बीच हुई बैठक के मिनट्स रिकार्ड नहीं किए जाने के बारे में बंसल ने कहा कि यह बैठक इस तरह की नहीं थी कि मिनट्स दर्ज करने की जरूरत होती। ऐसे कई मौके आते हैं, जब दो मंत्री किसी मुद्दे पर बात करते हैं, पर मिनट्स दर्ज नहीं किए जाते। इसमें नया और अनोखा कुछ नहीं है।