स्थानीय परीक्षण केंद्र के निदेशक एस. पी. दाश ने आईएएनएस से कहा कि इसका परीक्षण रोड मोबाइल लांचर सिस्टम से किया गया और यह बंगाल की खाड़ी में अपने लक्ष्य तक पहुंची।
उन्होंने कहा कि मिसाइल को राडार और समुद्र के किनारे बने टेलीमीटरी स्टेशन द्वारा देखा गया। लक्ष्य केंद्र के नजदीक नौ सेना के दो जहाजों ने मिसाइल को उड़ान के अंतिम चरण में देखा।