उन्होंने कहा, “वैश्विक आर्थिक संकट के मद्देनजर आज हमारे बीच सहयोग की और भी तात्कालिक आवश्यकता है।”
उन्होंने वस्तुओं के व्यापार के लिए भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते के पहले से ही प्रभावी होने का हवाला देते हुए कहा कि साल 2010-2011 में आसियान समूह के साथ व्यापार में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आसियान-भारत व्यापार सहयोग में 50 अरब डॉलर के व्यापार का आंकड़ा पार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “व्यापार में इस तरह की वृद्धि दर रही तो हम साल 2012 तक व्यापार 70 अरब डॉलर तक बढ़ाने के हमारे लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।”
उन्होंने भारत-आसियान व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को लागू करने के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए वाणिज्यिक अर्थपूर्ण सेवाओं और निवेश समझौते को जल्द पूरा करने के लिए समर्थन मांगा।