यहां बड़ा सवाल यह है कि चिदंबरम इसमें गले तक डूबे हैं, जबकि कैबिनेट के नियंत्रण और राजकोष के संरक्षण की जिम्मेदारी रखने वाले प्रधानमंत्री इसे रोक पाने में नाकाम रहे हैं।
जद [यू] के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, राजग के कार्यकारी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर हुई विपक्षी गठबंधन की विशेष बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उक्त बातें कह रहे थे।
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री अब जो भी बहाने बनायें। वह अपने कर्तव्य निर्वहन में विफल रहे हैं, क्योंकि यह सब उनकी जानकारी के बिना नहीं हो सकता था। इन्होंने कहा कि मौजूदा गृह मंत्री, तबके वित्त मंत्री के रूप में निश्चित तौर पर इसमें पूरी तरह शामिल हैं और इसके हिस्सेदार रहे हैं। लिहाजा दोनों को, और खासकर चिदंबरम को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिये।