पटना ।। मानसून के अंतिम चरण में बारिश के कारण पटना समेत बिहार के अन्य इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश और रिहंद बांध से पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी में आई बाढ़ से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। अब तक बाढ़ में फंसे 75 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

राज्य आपदा एवं प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि रोहतास एवं औरंगाबाद जिलों में सोन नदी के तटवर्ती करीब 800 मकान डूब गए हैं। दर्जनों गांवों का सम्पर्क अन्य क्षेत्रों से टूट गया है।

अधिकारी के अनुसार रोहतास में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं, जिसमें राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें जुटी हुई हैं। इन टीमों ने अब तक रोहतास के तिलौथु और नवहट्टा प्रखंडों में टीलों पर बाढ़ में फंसे 75 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। इधर, औरंगाबाद के सोनतटीय नवीनगर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक सोन नदी के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। एक अधिकारी के अनुसार सोन नदी के इंद्रपुरी बैराज से रविवार सुबह सोन में 9,58,045 क्यूसेक प्रवाह था, जो वर्ष 1975 के बाद सबसे अधिक था। सोमवार की सुबह नौ बजे 5,83,750 क्यूसेक था जो 10 बजे घटकर 5,49,820 क्यूसेक रह गया।

इस बीच राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सोन में आई बाढ़ का असर अन्य नदियों में पड़ने के मद्देनजर सभी अभियंताओं की छुट्टियां 15 अक्टूबर तक रद्द कर दी गई है।

सोन और गंगा से जुड़े 11 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है जबकि कोसी और गंडक से जुड़े जिलों में भी अलर्ट किया गया है। सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारी के अलावा जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंताओं को पूरी चौकसी बरतने को कहा गया है।

इधर, बारिश के कारण पटना समेत राज्य के करीब सभी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में 79 दशमलव पांच मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। पटना के कई विद्यालयों को जलजमाव और बारिश कारण बंद कर दिया गया है।

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