nitish kumar-सबसे अधिक दिनों तक राज करने वाले मुख्यमंत्री

राजनीति में कुछ ही चेहरे ऐसे होते हैं जिनके ऊपर विरोधी भी आरोप लगाने से बचते हैं। नीतीश कुमार भी राजनीति के ऐसे ही चेहरे हैं। बिहार जैसे पिछड़े राज्य को विकास की सड़क पर वापस लाने के लिए नीतीश कुमार को जाना जाता है।

नीतीश कुमार ने भारतीय राजनीति में अपना एक अलग स्थान बना कर रखा है। आइए जानते हैं नीतीश कुमार से जुड़े वो तमाम तथ्य जो कम ही लोग जानते हैं।
· नीतीश कुमार का जन्म बिहार के बख्तियारपुर में 1951 में हुआ था।
· नीतीश कुमार के पिता कविराज राम लखन सिंह ने देश के आजादी की लड़ाई में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
· 1973 में नीतीश कुमार ने विवाह किया।
· 1974 में जयप्रकाश नारायण के आहृवान पर नीतीश कुमार ने छात्र आंदोलन में हिस्सा लिया।
· नीतीश कुमार के पिता भी कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे बाद में उन्होने जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।
· 1977 में आपातकाल के समय नीतीश कुमार कुछ दिनों के लिये जेल भी गये थे।
· नीतीश कुमार को राजनीति में पहली सफलता 1985 में मिली जब वो बिहार विधानसभा के लिये निर्वाचित हुए थे।
· 1987 में नीतीश कुमार लोकदल के युवा शाखा के अध्यक्ष बने।
· 1989 में नीतीश कुमार को जनता दल का महासचिव बनाया गया।
· 1989 में ही नीतीश कुमार ने पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता। नीतीश कुमार को वी पी सिंह की सरकार में पहली बार कृषि राज्य मंत्री बनाया गया।
· 1991 में नीतीश कुमार दुसरी बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। नीतीश को लोकसभा में पार्टी का उपनेता बनाया गया।
· 1990 में लालू प्रसाद को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने में नीतीश कुमार ने अहम रोल अदा किया था।
· 1995 में नीतीश कुमार ने जनता दल से त्यागपत्र देकर अलग राजनीतिक दल समता पार्टी का गठन जॉर्ज फर्नाडिस के साथ मिलकर किया।
· 1996 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार को सफलता मिली और नीतीश कुमार की पार्टी समता पार्टी को 10 लोकसभा सीट प्राप्त हुए।
· 1998 के लोकसभा चुनाव के बाद बने एनडीए की सरकार में नीतीश कुमार को रेल मंत्री बनाया गया।
· 1999 में हुए एक रेल हादसे के बाद नीतीश कुमार ने नैतिकता के आधार पर पद से त्यागपत्र दे दिया था।
· 1999 मे बाद बनी दूसरी एनडीए सरकार में नीतीश कुमार ने कृषि और भूतल परिवहन मंत्रालय को संभाला।
· 2000 में बिहार विधानसभा के चुनाव के बाद नीतीश कुमार 7 दिनों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री बने बाद में सदन में बहुमत नहीं साबित कर पाने के कारण उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा।
· 2001 में एक बार फिर से नीतीश कुमार को भारत का रेल मंत्री बनाया गया।
· 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत प्राप्त हुआ और नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने।
· 2010 के विधानसभा चुनाव में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने पूर्ण बहुमत प्राप्त किया। इस चुनाव के बाद एक बार फिर से नीतीश बिहार के सीएम बने।
· 2013 में नरेंद्र मोदी को भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाये जाने के बाद। नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी को एनडीए से अलग कर लिया।
· 2014 में नीतीश कुमार की पार्टी को लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।
· 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी ने राजद के साथ गठबंधन कर लिया।
· 2015 के चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ।
· लेकिन 2017 में नीतीश कुमार ने एक बार फिर से राजद से अपना गठबंधन तोड़ कर वापस एनडीए में अपनी वापसी कर ली।

नीतीश कुमार से जुड़े विवाद
· नीतीश कुमार की राजनीति की शुरूआत थोड़ी खराब रही। नीतीश कुमार अपना पहला चुनाव हार गये थे।
· 1990 के दशक में लालू प्रसाद के सीएम बनने के बाद नीतीश राजनीति में असहज होते चले गये। नीतीश ने अंतत: 1995 में आकर जनता दल से त्यागपत्र देकर अलग राजनीतिक पार्टी का निर्माण कर लिया।
· नरेंद्र मोदी की छवि का विरोध करने के कारण एनडीए छोड़ने के उनके फैसले की भी काफी आलोचना की गयी थी।
· महागठबधन बनाकर चुनाव जीतने के बाद जब उन्होने वापस एनडीए का दामन थाम लिया तो उन्हें एक बार फिर से आलोचना का शिकार होना प़ड़ा था।

नीतीश कुमार के विकास पुरूष बनने की कहानी।
2.5 (50%) 4 votes

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here