नोएडा ।। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को 684 करोड़ रुपये की लागत से बने दलित नेताओं को समर्पित पार्क का उद्घाटन किया। मायावती ने इस खर्च को सही ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस ने दलित नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उनकी लोकप्रियता से भयभीत है इसलिए वह लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार अथवा केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे को कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री बना सकती है।

वहीं, पार्क के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पर विपक्षी दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मायावती पर निशाना साधा और कहा कि बेहतर होता कि मायावती इन पैसों का इस्तेमाल दलित कल्याण की योजनाओं के लिए करतीं।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा, “असली दलित नेता को केंद्र से हाशिए पर डालना कांग्रेस की एक चाल है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई दशकों तक सत्ता में रही लेकिन उसने दलित नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दलित नेताओं को नजरंदाज किया इसलिए मैंने इस पार्क का निर्माण कराया है।”

महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के विभिन्न स्मारकों का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने यमुना के पश्चिमी किनारे पर अपने बड़े नेताओं को पर्याप्त जगह दी। इसलिए दलित नेताओं के लिए उन्होंने नदी के पूर्वी किनारे को चुना।

उन्होंने कहा कि दलित नेता कांशीराम का निधन नई दिल्ली में हुआ लेकिन कांग्रेस ने उनके राजनीतिक कद के हिसाब से पर्याप्त जगह नहीं दी। यहां तक कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम को प्रधानमंत्री नहीं बनाया।

82 एकड़ में निर्मित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं हरित उद्यान नामक इस पार्क में सत्तारुढ़ दल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के चुनाव चिह्न हाथी की 24 मूर्तियों सहित भीम राव अम्बेडकर, कांशीराम एवं मायावती की मूर्तियां लगी हैं। अपने निर्माण के समय से ही यह पार्क विवादों का केंद्र रहा है।

मायावती के इस कदम को राजनीतिक समीक्षकों ने अगले साल होने वाले राज्य विधान सभा चुनावों से जुड़ा हुआ कदम बताया है। इन आलोचनाओं से बेपरवाह मायावती ने इसे दलित स्मारक की संज्ञा दी। नोएडा स्थित फिल्म सिटी में मायावती का हेलीकॉप्टर 4.50 बजे उतरा। मायावती को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही पार्क में जमा थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता रामरती एवं पिता प्रभु दास भी उपस्थित थे।

दूसरी तरफ कांग्रेस ने मायावती पर स्वास्थ्य, शिक्षा और सिचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं पर धन मुहैया कराने की जगह ‘आडम्बरपूर्ण निर्माण पर पैसे बरबाद’ करने का आरोप लगाया।

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने एक टीवी चैनल को बताया, “बसपा सरकार जनता का धन अनावश्यक कार्यो में खर्च कर रही है जबकि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर एवं शिक्षा बदतर अवस्था में है।”

भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता मायावती को जवाब देगी।

रूडी ने कहा, “एक लोकतंत्र में यह कहना कि हमारे पास बहुमत है इसलिए हम जनता के पैसे को बर्बाद कर सकते हैं..इसके खिलाफ लोग आवाज उठाएंगे।”

वहीं, जन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन भाजपा के कलराज मिश्र ने चंदौली में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पार्को और स्थलों के नाम पर जिस तरह हजारों करोड़ रुपये के सरकारी कोष का दुरुपयोग किया गया उतनी राशि से कृषि विकास, शिक्षा, चिकित्सा और ग्रामीण रोजगार की दिशा में बड़े कार्य किए जा सकते थे।

मिश्र ने कहा कि गम्भीर बात यह है कि यह सब दलित चेतना के नाम पर हो रहा है। प्रदेश की जनता के स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने वाली मायावती सरकार दलित चेतना के नाम पर प्रदेश के लूटतंत्र को आखिर कब तक बनाए रखेगी।

उधर, मथुरा से जन स्वाभिमान यात्रा शुरू करने वाले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने हाथरस में कहा कि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर मायावती सरकार के घोटालों की जांच होगी और दोषी जेल जाएंगे।

सिंह ने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश में दूसरी सभी पार्टियों से अच्छा शासन दे सकती है। पूर्व में जनता ने भाजपा का शासन देखा है।

Rate this post

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here