इस्लामाबाद ।। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि 26 नवम्बर के हमले के बाद अब उनका देश अमेरिका और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के साथ अपने सभी समझौतों की समीक्षा करेगा। इस हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।
समाचार पत्र ‘डॉन’ द्वारा जारी एक रपट के अनुसार, गिलानी ने रविवार को लाहौर में कहा कि सरकार ने तय किया है कि तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सरकार द्वारा अमेरिका, नाटो, संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) के साथ किए गए समझौतों की समीक्षा करेगा।
ज्ञात हो कि पिछले महीने मोहमंद एजेंसी में दो पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर नाटो द्वारा किए गए हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। उसके तत्काल बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान जाने वाली नाटो की आपूर्ति रोक दी थी।
गिलानी ने कहा, “नाटो के हमले के तत्काल बाद.. हमने सेना और राजनीतिक नेतृत्व सहित सभी घटकों के साथ इस मुद्दे पर बहुत गम्भीरता से बात की।”
गिलानी ने कहा कि राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के साथ ही कैबिनेट की रक्षा समिति, 26 नवम्बर की घटना को, मुशर्रफ सरकार द्वारा अमेरिका, नाटो, आईएसएएफ और संयुक्त राष्ट्र के साथ सभी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर किए गए सभी समझौतों की समीक्षा करने के कारण के रूप में देखती है।














