नई दिल्ली ।। केंद्रीय नौवहन मंत्री जी.के. वासन ने शुक्रवार को कहा कि भारत में समुद्री पर्यटन की अच्छी संभावना है। यदि इसे और भी अधिक किफायती बनाया जाए तथा समुद्री पर्यटन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जाए तो व्यापक तौर पर भारत का मध्यवर्ग भी इसके साथ जुड़ सकता है।

समुद्री पर्यटन नौवहन के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए एक समुद्री जहाज पर कोच्चि में नौवहन मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की हुई बैठक उद्घाटन भाषण में वासन ने कहा कि ‘समुद्री पर्यटन नौवहन’ विश्व भर में पर्यटन उद्योग का एक महत्वपूर्ण और उभरता हुआ घटक है। यह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान करता है।

उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में भी इस क्षेत्र का अच्छा खासा प्रभाव है। यात्री किराया, बंदरगाह शुल्क आदि के रूप में राजस्व की कमाई के साथ-साथ इससे हस्तकला, गाइड सेवा और खान-पान आदि जैसे कई उद्योगों को भी बढ़ावा मिलता है और देश के लिए बहुमूल्य विदेशी मुद्रा भी अर्जित की जाती है।

वासन ने कहा कि भारत में समुद्री पर्यटन की काफी अच्छी संभावना है। यदि इसे और भी अधिक किफायती बनाया जाए तो व्यापक तौर पर भारत का मध्यवर्ग भी इसके साथ जुड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय बंदरगाहों पर वर्ष 2010-11 में समुद्री पर्यटन के लिए 129 जहाज आए, जबकि वर्ष 2003-04 में यह संख्या सिर्फ 55 थी। इस दौरान समुद्री पर्यटकों की संख्या 34,372 से बढ़कर लगभग एक लाख हो गई है।

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