नई दिल्ली ।। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के लिए फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में वेस्टइंडीज के साथ खेला गया पहला टेस्ट मैच कभी न भूलने वाला अनुभव साबित हुआ। इस टेस्ट में नौ विकेट लेने वाले अश्विन अपने पर्दापण टेस्ट मैच में मैन ऑफ द मैच चुने जाने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। अश्विन ने वेस्टइंडीज की पहली पारी में दो और दूसरी पारी में सात विकेट अपने नाम किए। उनके प्रयासों की बदौलत भारतीय टीम यह मैच पांच विकेट से जीतकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बनाने में सफल रहा।
इससे पहले रुद्र प्रताप सिंह ने वर्ष 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट मैच में 164 रन देकर पांच विकेट लिए थे। रुद्र को अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था। उस मैच में रुद्र ने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में एक विकेट झटका था।
इससे पहले, 1992 में मुम्बई के बल्लेबाज और सचिन तेंदुलकर के बचपन के साथी प्रवीण आमरे ने अपने पहले ही मैच में मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता था। आमरे का करियर हालांकि अपने दोस्त की तरह लम्बा नहीं खिंच सका। बाद में उन्होंने मुम्बई टीम के कोच पद की भूमिका निभाई।
मौजूदा सत्र में अश्विन के अलावा बांग्लादेश के गेंदबाज इलियास सन्नी भी अपने पहले ही टेस्ट मैच में मैन ऑफ द मैच का खिताब जीत चुके हैं। सन्नी ने चटगांव में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में छह और दूसरी पारी में एक विकेट चटकाया था।














