इस्लामाबाद ।। कराची परमाणु विद्युत संयंत्र में हाल में हुए भारी जल के रिसाव को लेकर पाकिस्तान के पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता चिंतित हैं।
समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार, ये पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सुरक्षा उपायों और संचालन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि सरकार ने गुरुवार को संयंत्र को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया।
पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, “मरम्मत कार्य के लिए संयंत्र को पांच अक्टूबर को ही तीन सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन रिसाव के बाद अब यह अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा।” उन्होंने कहा कि रिसाव मंगलवार रात मरम्मत के दौरान हुआ।
अहमद एक पाइप से हुए रिसाव का सही कारण नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि उचित जांच के बाद ही इसके बारे में पता चल पाएगा। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि अभी जांच का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
एक वरिष्ठ पर्यावरणविद ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेना चाहिए। संयंत्र की गहन जांच की जानी चाहिए और पुराने तथा अप्रचलित हो चुके कल-पुर्जो को हटा दिया जाना चाहिए।
पर्यावरणविद के अनुसार, चूंकि संयंत्र की मियाद कई वर्ष पहले ही समाप्त हो गई थी और कुछ अतिरिक्त वर्षो के लिए काम करने हेतु इसकी मरम्मत की गई थी, लिहाजा इसके बॉयलरों को बदल देना चाहिए और ताप आदान-प्रदान प्रणाली का गहन परीक्षण किया जाना चाहिए तथा सहनशीलता की क्षमता की कठोर जांच के बाद इसे पास किया जाना चाहिए।














