mayawati-महिला मुख्यमंत्री

क्या आप उस दलित महिला को जानते हैं जो देश के सबसे बड़े राज्य की कई बार मुख्यमंत्री बन चुकी है। क्या आप जानते हैं मायावती से जुडी वो बातें जो आपको भारत के लोकतंत्र पर गर्व करने को मजबूर कर देंगी | आइए जानते हैं मायावती से जुड़े हर वो तथ्य जो आपको जानने जरूरी है।

मायावती का व्यक्तिगत परिचय
मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली में हुआ था। मायावती देश की सबसे युवा मुख्यमंत्री थी। मायावती का एक नाम चंदावती देवी भी रहा है। इन्होने कांशी राम के द्वारा स्थापित की गई बहुजन समाज पार्टी को जन-जन तक पहुंचाया। व्यक्तिगत जिंदगी में मायावती ने शिक्षा पर काफी जोर दिया | मायावती अबतक कई बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी है।

मायावती का रजनीतिक सफर

मायावती ने कांशीराम के देखरेख में राजनीति की शुरूआत की थी | उन्होने अबंडकर के रिपब्लिक पार्टी के खत्म होने के बाद बने निर्वात को भरने का काम किया।
· मायावती का 1977 के बाद राजनीति में रूझान बढ़ने लगा था।
· 1984 में उन्होने अपने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूर्ण काल के लिये कांशींराम के द्वारा बनायी गयी पार्टी की कार्यकर्ता बन गयी।
· 1984 के चुनाव में उन्होने कैराना में चुनाव में हिस्सा लिया।
· 1989 के चुनाव में मायावती ने बिजनोर लोकसभा सीट से चुनाव जीत कर इतिहास बना दिया।
· 1995 में पहली बार बीजेपी के सहयोग से मायावती प्रधानमंत्री बनी।
· 1997 में भी मायावती ने मुख्यमंत्री का पद संभाला।
· 2003 में एक बार फिर से मायावती ने मुख्यमंत्री के पद को प्राप्त किया।
· 2007 के उत्तर प्रदेश के चुनाव में मायावती की पार्टी बसपा ने पूर्ण बहुमत प्राप्त कर के इतिहास बना दिया।
· 2002 में कांशीराम ने मायावती को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
· 2012 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बसपा को हार का सामना करना पड़ा।
· 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा की हालत और खराब हो गयी। बहुजन समाज पार्टी इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाने में सफल रही।
· 2017 के विधानसभा चुनाव में भी मायावती की पार्टी को जबर्दस्त हार का सामना करना पड़ा। जिस उत्तर प्रदेश में 10 वर्ष पहले मायावती ने अकेले दम पर सरकार बनाया था। उसी उत्तर प्रदेश मे 10 वर्ष बाद बसपा मात्र 19 सीटों पर सिमट गयी।
· 2019 के चुनाव में बसपा ने अपने विरोधी पार्टी रही सपा के साथ चुनाव में गठजोड़ कर लिया है।

मायावती के साथ जुड़े विवाद

माय़ावती ने अपने जिंदगी में एक गैर राजनीतिक परिवार से निकल कर राजनीति में काफी नाम कमाया है। इस कारण इस यात्रा में मायावती को अनेकों विवादों का भी सामना करना पड़ा है।

· मायावती का जब रूझान राजनीति तरफ हुआ तो उनके पिता ने इस बात का पूरजोर विऱोध किया था।
· 1984 में अपने पिता के साथ विवाद होने के कारण मायावती ने अपना घर छोड़ दिया।
· 1995 में मायावती की पार्टी बसपा और मुलायम सिंह की पार्टी सपा के बीच गठबंधन सरकार चल रही थी। इसी बीच मायावती के साथ सपा के कार्यकर्ताओं ने लखनउ के गेस्ट हाउस में दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद 23 वर्षो तक सपा और बसपा एक मंच पर नहीं आए।
· 2003 में मायावती का बीजेपी के साथ एक बार फिर से गठबंधन टूट गया। इसके बाद से अबतक बसपा और बीजेपी कभी एक मंच पर नहीं दिखें हैं।
· बतौर मुख्यमंत्री मायावती के कड़े रूख के कारण भी कई बार वो विवादों में रही है।
· आय से अधिक संपत्ती के मामले में भी मायावती कई बार सरकारी एजेंसियों के चक्कर में रही।

देश की पहली दलित महिला जो मुख्यमंत्री बनी।
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