वाशिंगटन ।। एक प्रमुख अमेरिकी सांसद ने मुम्बई हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन को उकसाने का पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ओबामा प्रशासन को अपने प्रमुख सहयोगी के प्रति अपेक्षाकृत अधिक वास्तविक नीति अपनानी चाहिए।

सदन की विदेशी मामलों की एक उपसमिति के सदस्य, शीर्ष डेमोक्रेट, गैरी एकरमैन ने गुरुवार को कांग्रेस में एक सुनवाई के दौरान कहा, “हमें इस बेतुके विचार से मुक्त होने की आवश्यकता है कि हम पाकिस्तान को बदल सकते हैं, उसकी सरकार को सुधार सकते हैं, या सच्चा विश्वास पैदा कर सकते हैं।”

एकरमैन ने कहा, “पाकिस्तानी सैन्य महकमा हमारा मित्र नहीं है। वे हमारे सहयोगी नहीं हैं। वे हमारे साझेदार नहीं हैं। वे हमारी टीम में शामिल नहीं हैं। यह बात छुपी नहीं रह गई है कि हक्कानी नेटवर्क अफगान सरकार और हमारे सैनिकों पर कई हमलों के लिए जिम्मेदार है।”

एकरमैन ने कहा, “यह भी कोई छुपी हुई बात नहीं है कि मुम्बई में नवम्बर 2008 में हुए खौफनाक आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा खुलेआम पाकिस्तान में अपनी गतिविधियां चलाता है।”

एकरमैन ने आगे कहा, “पाकिस्तान सरकार ने इनमें से किसी भी समूह को या उसकी गतिविधियों को समाप्त करने, उसमें हस्तक्षेप करने, उसे रोकने, गिरफ्तारी करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए हैं। यह भी छुपी हुई बात नहीं रह गई है कि ओसामा बिन लादेन एबटाबाद में आराम से रह रहा था।”

समिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष स्टीव कैबट ने कहा कि वह ओबामा प्रशासन की उस योजना को लेकर बहुत चिंतित हैं, जिसमें वह आतंकवादियों तक पहुंचने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) का इस्तेमाल करना चाहता है। कैबट ने कहा कि वह इस योजना का भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंतित हैं, जो कि लगातार अमेरिका का एक घनिष्ठ सहयोगी बना हुआ है और मैं आशा करता हैूं कि आगे भी बना रहेगा।

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