इस्लामाबाद ।। पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने अमेरिका और अपने देश के बीच तल्ख होते रिश्तों के बीच कहा है कि पाकिस्तान अपनी गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क की मदद करने का आरोप लगाए जाने के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं।
खार ने नेशनल पब्लिक रेडियो पर बुधवार को प्रसारित एक साक्षात्कार में अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ माइक मुलेन के बयान पर कड़ा ऐतराज व्यक्त करते हुए कहा कि कोई एकतरफा समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “हमें इस तरह के बयान पर सख्त ऐतराज है, जिसे उस मुल्क का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे शख्स ने दिया है जिसके साथ हमने आतंकवाद रोधी कई अभियानों में कामयाबी हासिल की है।”
उन्होंने कहा, “किसी भी देश की सम्प्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। आप पाकिस्तानियों को यह संदेश नहीं देना चाहते कि उनकी जिंदगियां आपके जीवन से कम महत्वपूर्ण हैं। यह खराब संदेश है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की बेहतरी पड़ोसी देश के सुरक्षित होने में है। उन्होंने शांतिपूर्ण क्षेत्र के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई।
खार ने कहा कि उनके देश और अमेरिका को एक-दूजे की जरूरत है और वे समान लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन पाकिस्तान की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए कि अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या होगी? इस जंग में हमारे छह हजार जवान मारे जा चुके हैं।”
उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए कि अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी यदि इतनी ही तादाद में उसके लोग मारे जा चुके हों और उस पर अन्य देशों की ओर से ऐसी प्रतिक्रियाएं मिल रही हों कि समस्या आप हैं, आप समस्या का हिस्सा हैं।”














