श्रीनगर ।। मुसलमानों के पवित्र त्योहार ईद-उल-फितर मनाने की यहां जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस त्योहार को खास बनाने के लिए जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं।
लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात अधिकारियों ने शहर के लाल चौक, रेजीडेंसी रोड व उनसे लगे बाजारों में ईद से तीन दिन पहले वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
यहां एक दुकानदार नजीर अहमद ने कहा, “इससे निश्चित रूप से स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी। पूर्व के वर्षो में जहां लाल चौक इलाके में जाम की स्थिति बन जाती है, वहीं इस बार पैदल चलने वाले सुरक्षित ढंग से चल सकेंगे।”
मटन, मुर्गे के मांस, बेकरी, सब्जियों, मिठाइयों, वस्त्रों व खिलौनों की दुकानों पर खदीददारों की सबसे ज्यादा भीड़ है।
ईद में अभी तीन दिन बाकी हैं फिर भी दुकानों से सामान तेजी से खत्म हो रहा है। एक दुकानदार ने बताया, “सवाल यह नहीं है कि ईद कब है। परेशानी यह है कि चीजें इतनी तेजी से और जल्दबाजी में खरीदी जा रही हैं कि अगले दिन के लिए दुकानों पर कुछ नहीं बचेगा।”
सरकारी तनख्वाह में इजाफे और व्यापार के लिए बेहतर अवसर होने की वजह से मध्यम वर्ग की औसत आय बढ़ी है। जिसके चलते स्थानीय लोग जरूरतमंद लोगों को दान भी दे रहे हैं।
एक कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर मुजफ्फर अहमद का कहना है कि पहले के सालों में जहां हर कोई अपनी ही खुशियों में डूबा रहता था, वहीं इस बार जरूरतमंदों की मदद के लिए लोग आगे आए हैं।
श्रीनगर व घाटी के अन्य शहरों में कुछ बहुत जाने-पहचाने अनाथालय व सहायतार्थ संस्थान हैं।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही बटमालू इलाके में आतंकवादियों के ग्रेनेड हमले में 11 लोग घायल हुए थे। इसके बाद भी लोगों में कोई डर नहीं है और वे ईद की खरीददारी के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं।














