हैदराबाद ।। आतंकवाद के मामले में गलत तरीके से गिरफ्तार मुस्लिम युवाओं को आंध्र प्रदेश सरकार मुआवजा देगी। इसके लिए 70 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इन युवकों को वर्ष 2007 के मक्का मस्जिद बम विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी द्वारा राज्य विधानसभा में इसकी घोषणा किए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने राशि जारी करने के लिए आदेश पारित किया। यह अपने तरह का पहला उदाहरण है जब पुलिस की यातना का शिकार हुए पीड़ितों को सरकार मुआवजा दे रही है।
अधिकारियों के अनुसार, 70 पीड़ितों में से 20 को तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि अन्य को 20-20 हजार दिए जाएंगे।
राज्य सरकार ने यह राशि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की अनुशंसा पर जारी की है, जिसने मामले के दोषी पुलिस अधिकारियों के वेतन में कटौती का भी सुझाव दिया था। आयोग ने हालांकि सालभर पहले ही ये कई अनुशंसाएं की थी, लकिन सरकार ने उस पर काम नहीं किया।
आयोग के अध्यक्ष वजाहत हबीबुल्लाह ने अगस्त में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन अनुशंसाओं पर कदम उठाने के लिए कहा था। इसमें दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ितों को रोजगार तथा उन्हें सही आचरण का प्रमाण-पत्र देना भी शामिल था।
मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) तथा अन्य मुस्लिम संगठनों ने भी पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की थी। सोमवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पार्टी के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने यह मुद्दा उठाया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के लिए मुआवजा राशि जारी करने की घोषणा की। विधानसभा में एमआईएम के सात सदस्य हैं।














