गंगटोक ।। सिक्किम-नेपाल सीमा पर रविवार शाम को आए 6.8 की तीव्रता वाले भूकम्प के बाद सोमवार को सेना राहत और बचाव कार्यो में जुटी रही। देश के विविध हिस्सों में आए भूकम्प में अब तक कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है।

सूत्रों के अनुसार सेना की करीब 50 टुकड़ियों के छोटे-छोटे दलों को सिक्किम, सिलीगुड़ी, बिनागुड़ी और गंगटोक के आसपास की स्थानीय इकाइयों में तैनात कर दिया गया है। राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।

इन टुकड़ियों में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ चिकित्सा दल और सिलीगुड़ी-गंगटोक मार्ग पर से मलबा हटाने के लिए इंजीनियरिंग के साजो-सामान से लैस है।

सेना के अलावा सीमा सड़क संगठन को भी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31-ए पर यातायात सामान्य करने के काम में लगाया गया है। यह राजमार्ग सिक्किम को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है।

सिक्किम पूर्व के जिला मजिस्ट्रेट जी. आनंदन ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 31-ए बाधित हो जाने से सिक्किम का सम्पर्क देश से शेष भागों से कट गया है। राजमार्ग पर कम से कम आठ स्थानों पर भारी भूस्खलन हुआ है।

उन्होंने बताया कि 120 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग 31-ए पर कंक्रीट से बने कम से कम 25 पुल ढह गए हैं।

उन्होंने बताया कि सिक्किम सचिवालय की इमरात में भी दरारें आ गई हैं।

अत्याधिक तीव्रता वाले भूकम्प के बाद भूकम्प के दो कम तीव्रता वाले झटके भी महसूस किए गए।

इस बीच भारतीय वायु सेना ने राहत सामग्री और बचावकर्मियों के साथ पांच मालवाहक विमान पूर्वोत्तर भेजे हैं। बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यो में रूकावट आ रही है।

भूकम्प के झटके असम, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, झारखण्ड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में भी महसूस किए गए।

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