delhi cm arvind kejriwal

अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में कदम रखने के 2 वर्ष के भीतर अपनी पार्टी बनाकर मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया था। अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर लोकपाल और भ्रष्टाचार के विरूद्ध आंदोलन किया था। अरविंद केजरीवाल से जुड़े हर तथ्य जो आपको जानना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल का अब तक का सफर
• अरविंद केजरीवाल का जन्म वर्ष 1968 में हरियाणा के हिसार जिले के सिवाणी गांव में हुआ था।
• अरविंद केजरीवाल ने आइआइटी खड़गपुर से पढ़ाई करने के बाद टाटा स्टील में कुछ दिनो तक काम किया।
• वर्ष 1992 में अरविंद केजरीवाल ने भारतीय राजस्व सेवा में सफलता प्राप्त की।
• 2006 में केजरीवाल ने अपने संयुक्त आयकर आयुक्त के पद से त्यागपत्र दे दिया।
• अरविंद केजरीवाल नेहरू युवा केंद्र और मदर टरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी से भी जुड़े रहे।
• अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनिता भी भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी रही है।
• वर्ष 2006 में केजरीवाल को सूचना के अधिकार कानून के लिए किये गये संघर्ष के कारण रमन मैग्सैसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• अरविंद केजरीवाल ने पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन नामक एक गैर-सरकारी संगठन की भी स्थापना की थी।
• अरविंद केजरीवाल ने एक NGO ‘साथी’ का भी गठन किया था।
• वर्ष 2010-2011 में अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में लोकपाल को लागू करने के लिए एक आंदोलन की शुरूआत की।
• अरविंद केजरीवाल के कांग्रेस सरकार के विरोध में शुरू किये गये आंदोलन को जोरदार समर्थन मिला।
• 2012 में अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने एक नयी राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया।
• 2012 में आम आदमी पार्टी नामक एक राजनीतिक पार्टी का गठन किया गया।
• 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने 27 सीटें जीतकर तहलका मचा दिया। बाद में कांग्रेस के समर्थन से केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।
• पहली बार 60 दिनों के भीतर ही केजरीवाल ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
• बाद में 2014 के अंत में हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में अरविंद केजरीवाल की पार्टी को कुल 70 में से 67 सीटों पर जीत प्राप्त हुई।
• अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने बड़ी सफलता प्राप्त की।
• अरविंद केजरीवाल ने अपने पार्टी के निर्माण के समय कहा था कि यह पार्टी स्वराज लाने के लिए काम करेगी।

अरविंद केजरीवाल से जुड़े विवाद

अरविंद केजरीवाल की पार्टी और उनके राजनीति का जन्म आंदोलन से रहा है। अरविंद केजरीवाल के साथ विवाद का भी लगातार संबध रहा है।

राजनीतिक दल के निर्माण से जुड़ा विवाद– जब लोकपाल को लागू करने के लिए देशव्यापी आंदोलन की शुरूआत की गयी थी तो कहा गया था। यह आंदोलन गैर-राजनीतिक आंदोलन होगा। इस आंदोलन का किसी भी तरह के राजनीतिक दलों से कोई संबंध नहीं है। लेकिन बाद में जब राजनीतिक दल का निर्माण कर दिया गया तो लोगों ने इसकी आलोचना की।

60 दिनों में ही त्यागपत्र देने से जुड़ा विवाद– पहले तो कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने के कारण विवाद उठा बाद में मात्र 60 दिनों में ही त्यागपत्र दे देने के कारण अरविंद केजरीवाल की और भी आलोचना की गयी।

सहयोगियों ने छोड़ दिया साथ- अरविंद केजरीवाल को एक-एक कर उनके साथ जुड़े कई पुराने सहयोगियों ने साथ छोड़ दिया जिस कारण भी उनकी आलोचना की गयी।

सर्जिकल स्ट्राईक पर सवाल खड़ा करने के बाद हुआ विवाद– अरविंद केजरीवाल ने भारत सरकार के द्वारा किये गये सर्जिकल स्ट्राइक की सत्यता के लिए सबूत पेश करने की मांग सरकार से कर दी। उनके इस कदम के बाद भी काफी विवाद हुआ था।

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